अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में दखल दे रहा कनाडा, ट्रंप परेशान: क्या है पूरा मामला?

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में दखल दे रहा कनाडा, ट्रंप परेशान: क्या है पूरा मामला?

अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिख रहा है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कनाडा पर अमेरिकी राजनीति और चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है.

अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर लंबे वक्त से विवाद चल रहा है, जो कि अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कनाडा पर अमेरिकी राजनीति और चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. 22 अक्टूबर को सामने आई इस खबर के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है. विवाद की मुख्य वजह कनाडा की व्यापार नीति और अमेरिकी टैरिफ के जवाब में उठाए गए उसके कदम हैं.

अमेरिका ने कनाडा पर आरोप लगाया है कि इन कदमों के जरिए अमेरिकी नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिकी एंबेसी ने इस मामले में एक डॉक्यूमेंट जारी कर कनाडा की गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं. वहीं, कनाडा का कहना है कि वो अपने देश के कारोबार, कामगारों और आर्थिक हितों की रक्षा कर रहा है. इस विवाद में कनाडा की उद्योग मंत्री मेलानी जोली के बयानों और अमेरिकी नेताओं के साथ उनकी बातचीत का भी जिक्र किया गया है.

कनाडा ने लगाया रीटेलिएटरी चार्ज

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म इलेक्शन होने हैं. इन चुनावों में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक दलों की ताकत पर असर पड़ सकता है. इसलिए चुनाव से पहले दूसरे देश की ओर से राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप अमेरिका के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गया है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के सामान पर टैरिफ लगाए थे. इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर रीटेलिएटरी चार्ज (जवाबी शुल्क) लगाने जैसे कदम उठाए गए.

राजनीतिक दबाव का आरोप

कनाडा की रणनीति में ऐसे उत्पादों को शामिल करना भी था, जिन पर फीस का असर अमेरिकी कारोबार और कुछ राज्यों के आर्थिक हितों पर पड़ सकता था. टैरिफ का मतलब है विदेश से आने वाले सामान पर लगाया जाने वाला आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी. जब कोई देश दूसरे देश के सामान पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो उस सामान की लागत बढ़ सकती है. इसका असर कंपनियों, व्यापारियों और आम ग्राहकों पर पड़ सकता है. अमेरिका इसी रणनीति को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देख रहा है.

मार्क कार्नी ने दिया तर्क

हालांकि, व्यापारिक फैसलों के जरिए दबाव बनाना और गैरकानूनी तरीके से चुनाव को प्रभावित करना दो अलग-अलग बातें हैं. दोनों के बीच अंतर समझना इस विवाद में बेहद जरूरी है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी सरकार का कहना है कि देश की नीतियों का उद्देश्य कनाडा के वर्कर्स, कारोबार और अर्थव्यवस्था के हितों की रक्षा करना है. कनाडा का तर्क है कि अमेरिकी टैरिफ से उसके उद्योगों पर असर पड़ सकता है, इसलिए जवाबी कदम उठाना जरूरी है.

अंकिता पाण्डेय
अंकिता पाण्डेय

शिव की नगरी काशी से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अंकिता पाण्डेय ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की है.  पत्रकारिता में आने के लिए उन्होंने बनारस के लोकल न्यूज पेपर "काशीवार्ता" से अपनी शुरुआत की, बाद में दिल्ली जैसे महानगरी का रुख करते हुए उन्होंने TV9 भारतवर्ष में अक्टूबर साल 2023 से जुड़ी. आज वह इस ऑर्गनाइजेशन में बतौर सब-एडिटर काम कर रही हैं. क्राइम, एंटरटेनमेंट और अन्य सभी को न्यूज के साथ विजुअल तरीके से पेश करने में रुचि है. पत्रकारिता के अलावा कविताएं लिखना, फोटोग्राफी करना और म्यूजिक का भी शौक रखती हैं.

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