जय हेमंत श्रॉफ कैसे बने ‘टाइगर’? बचपन की इस आदत की वजह से बदला नाम

जय हेमंत श्रॉफ कैसे बने ‘टाइगर’? बचपन की इस आदत की वजह से बदला नाम

Tiger Shroff: टाइगर श्रॉफ इन दिनों सुर्खियों में हैं और वजह है वो हमला, जिसने पूरी इंडस्ट्री को शांत कर दिया. खैर, इन सबके बीच आपको बताएंगे टाइगर का असली नाम, जिसे इस वजह से बदला गया था.

Tiger Shroff: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ इन दिनों एक बेहद डरावने और मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. हाल ही में एक्टर की गाड़ी पर फायरिंग की चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जिसमें वो बाल-बाल बच गए. इस गंभीर घटना ने एक बार फिर पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैन्स को दहशत में डाल दिया है. यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड का कोई सितारा इस तरह के खतरे की जद में आया हो. इससे पहले सुपरस्टार सलमान खान और फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घरों के बाहर भी इस तरह की डरावनी घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है. गनीमत यह रही कि इस हालिया घटना में टाइगर श्रॉफ पूरी तरह से सुरक्षित हैं. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. इसी बीच आपको टाइगर श्रॉफ की जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प और मजेदार किस्सा बताते हैं, जो उनके नाम के पीछे की कहानी से जुड़ा है.

बहुत कम लोग यह जानते हैं कि टाइगर श्रॉफ का असली नाम ‘जय हेमंत श्रॉफ’ है. बचपन में उनका यह नाम रखा गया था, लेकिन वह इस नाम से फिल्मों में नहीं आए. किस वजह से टाइगर का नाम बदलना पड़ा?

जय हेमंत श्रॉफ कैसे बने ‘टाइगर’?

बचपन के दिनों में टाइगर को एक बहुत ही अजीब आदत थी. वो जब भी किसी बात पर गुस्सा होते थे या किसी पर झपटते थे, तो वो बिल्कुल किसी छोटे टाइगर की तरह काट लेते थे. उनकी इस हरकत और स्वभाव को देखकर उनके पिता और दिग्गज एक्टर जैकी श्रॉफ ने उन्हें प्यार से ‘टाइगर’ बुलाना शुरू कर दिया. खुद टाइगर ने इस बात की जानकारी एक इंटरव्यू में दी थी. वो बताते दिखे-” मैं बचपन में काटता था… जैसे आस-पास के सभी लोगों को काट लेता था. मैंने स्कूल में अपनी टीचर को काट लिया था और इसके लिए मुझे सजा भी मिली थी.”

हालांकि, धीरे-धीरे उनका यह पेट नेम इतना पॉपुलर हो गया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखने का फैसला किया. तो उन्होंने अपना असली नाम छोड़कर स्क्रीन नेम ‘टाइगर श्रॉफ’ ही हमेशा के लिए अपना लिया. आज उनकी यही पहचान पूरी दुनिया में जानी जाती है.

जब टाइगर ने उठाया ये बड़ा कदम

दरअसल टाइगर ने 2014 में नागपुर के महाराजबाग चिड़ियाघर में एक बाघिन ली को गोद लिया था. जिनसे उनकी पहली मुलाकात उस साल कृति सेनन के साथ ‘हीरोपंती’ के प्रमोशन के दौरान हुई थी. उन्होंने ली को गोद लेने के अपने फैसले को समझाने के लिए स्पाइडरमैन का एक डायलॉग कहा- ”महान शक्ति के साथ, बड़ी जिम्मेदारी भी आती है.”

अंकिता चौहान
अंकिता चौहान

अंकिता चौहान TV9 भारतवर्ष डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. यहां एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं. न्यूज चैनल और डिजिटल मीडिया में 5 साल से अधिक का अनुभव है. हरियाणा स्थित हिसार के गुरु जंबेश्वर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है और उसके बाद इसी कॉलेज से मास्टर्स डिग्री हासिल की है. इसके बाद हिंदी न्यूज चैनल इंडिया न्यूज से इंटर्नशिप की और यहीं से (मध्य प्रदेश/ छत्तीसगढ़) अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भी की है. उसके बाद बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर हरियाणा न्यूज से जुड़ीं. यहां उनका स्पेशल प्रोग्रामिंग करने का अनुभव है. इसके अलावा स्पोर्ट्स टीम के साथ भी काम किया है. फिर TV9 भारतवर्ष से जुड़ीं. यहां बिजनेस टीम के साथ काम किया है, साथ ही वेब स्टोरीज के सेक्शन में सभी कैटेगिरी की जिम्मेदारियां संभाली हैं और अब एंटरटेनमेंट बीट पर काम कर रही हैं.

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