तिब्बत और चीन में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 7 की तीव्रता
तिब्बत और चीन में गुरुवार रात 8 बजे के बाद भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं. रिक्टर स्केल पर 7 की तीव्रता रही. बताया जा रहा है कि इसका केंद्र जमीन की सतह से 173 किलोमीटर नीचे है.
तिब्बत और चीन में गुरुवार रात 8 बजे के बाद भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं. इस क्षेत्र में 45 मिनट के अंदर ताबड़तोड़ 3 बड़े झटके लगे. सबसे पहले आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 आंकी गई, फिर इसके बाद 5.2 की तीव्रता का भूकंप आया. और कुछ देर बाद 5.0 की तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि इन क्षेत्रों में नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
तिब्बत और चीन में गुरुवार रात करीब 8:03 बजे भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई और इसका केंद्र जमीन की सतह से 173 किलोमीटर नीचे था. यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी है. विशेषज्ञों और चीनी शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान बढ़ने के कारण छिंगहाई-तिब्बत पठार पर ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे इस संवेदनशील इलाके में भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है.
EQ of M: 7.0, On: 22/10/2026 20:03:43 IST, Lat: 32.368 N, Long: 93.853 E, Depth: 173 Km, Location: Tibet. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia https://t.co/WsHubm1jFP
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) October 22, 2026
यह पठार ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियों का स्रोत भी है, जो कई देशों से होकर बहती हैं. इसलिए, यहाँ हो रहे पर्यावरणीय बदलाव निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय हैं.
45 मिनट के अंदर ताबड़तोड़ 3 बड़े झटके
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इस क्षेत्र में 45 मिनट के अंदर ताबड़तोड़ 3 बड़े झटके लगे. तिब्बत में पहला भूकंप रात करीब 8:03 बजे आया. इसके थोड़ी देर बाद रात करीब 8:30 बजे चीन में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद 8:42 बजे तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया.
EQ of M: 5.2, On: 22/10/2026 20:29:41 IST, Lat: 32.592 N, Long: 94.217 E, Depth: 15 Km, Location: China. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia https://t.co/NkMvcHEEAG
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बताया जा रहा है कि तिब्बत और चीन के बड़े इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटके काफी बड़े इलाके में महसूस किए गए. फिलहाल, किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
3 सितंबर को भी तिब्बत में आया था भूकंप
इससे पहले 3 सितंबर को भी तिब्बत में झटके महसूस किए गए थे. उस समय भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 थी और यह दोपहर लगभग 1:46 बजे आया था. इसका केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर, ज़मीन के नीचे लगभग 14 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. यह भूकंप तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया था.
नेपाल में बाढ़े के बाद आया था भूकंप
इससे पहले, 8 सितंबर को नेपाल में भी भूकंप आया था. यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए भीषण हिमस्खलन और बाढ़ के बाद राहत कार्य अभी भी चल रहे हैं. उस त्रासदी में घर, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं नष्ट हो गईं, और हजारों लोग लापता हो गए. उस भयानक घटना में हजारों लोगों की जान चली गई.
क्यों भूकंप आते हैं?
पृथ्वी की सतह के नीचे सात प्लेटें हैं जो लगातार गति करती रहती हैं. जिन जगहों पर ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, उन्हें फॉल्ट लाइन कहा जाता है. जब पृथ्वी के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटें खिसकती हैं, आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा उत्पन्न होती है. इन टकरावों के कारण जब बहुत अधिक ऊर्जा निकलती है, तो पृथ्वी की सतह पर कंपन होने लगता है. भूकंप का असर उस जगह पर सबसे ज्यादा होता है जहां प्लेटें आपस में टकराती हैं. हालाँकि, जब भूकंप बहुत तेज होता है, तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जा सकते हैं.
तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं. जब भूकंप आता है, तो पृथ्वी की सतह के नीचे से ऊर्जा की लहरें निकलती हैं. इन लहरों को रिक्टर स्केल की मदद से मापा जाता है, जिससे भूकंप की तीव्रता और उसके केंद्र (एपीसेंटर) का पता लगाने में मदद मिलती है.




